यूपी का मिनी पंजाब कैसे बना लखीमपुर खीरी

यूपी का मिनी पंजाब

यदि आप से कहा जाए कि यूपी में सबसे ज्यादा सिख धर्म कहा है तो आप अनुमान लगा रहे होंगे पश्चिमी यूपी में। लेकिन यह जानकर आपको ताज्जुब  होगा कि लखीमपुर खीरी तथा उसके आसपास के तराई क्षेत्र में सिखों की तादाद ज्यादा है इसलिए लखीमपुर खीरी को यूपी का मिनी पंजाब कहा जाता है। तो आइए समझते हैं इन मामलों को- 



लखीमपुर खीरी (क्षेत्रफल की दृष्टि से यूपी का सबसे बड़ा जिला)को उत्तर प्रदेश का मिनी पंजाब भी कहा जाता है। 1947 के बंटवारे के समय भारत सरकार ने पाकिस्तान की अलग-अलग जगहों से लाकर इन्हें यहाँ बसाया गया था इसलिए वहां सिखों की तादाद ज्यादा है। 



साल 2011 जनगणना के मुताबिक 643500 सिख समुदाय के लोग रहते हैं।लखीमपुर खीरी के अलावा पीलीभीत सीतापुर बहराइच में भी यह निवास करते हैं। बैसाखी,प्रकाश उत्सव, गुरु नानक, जयंती, लोहड़ी इत्यादि त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।

गुरूद्वारा कौड़ियाला घाट साहिब


यह गुरूद्वारा खीरी जिले के बाबापुर में स्थित है। गुरूद्वारा कौड़ियाला घाट साहिब घाघरा नदी के तट पर स्थित है। माना जाता है कि इस स्थान पर सिखों के प्रथम गुरू, गुरू नानक जी ने १५१४ ई. में शिविर लगाया था व गुरूवाणी के प्रभाव से एक कुष्ठ रोगी को रोग से मुक्त किया था। इस पुराने गुरूद्वारे में एक विशाल कमरा और पवित्र कुण्ड भी स्थित है, यहाँ प्रत्येक अमावस्या के दिन मेला लगता है,तथा लंगर भी सिक्ख समुदाय के द्वारा कराया जाता है। यहां पर हर समुदाय के लोग अमावस्या के दिन जाते है तथा वहां बने पवित्र कुंड में स्नान करते है कहा जाता है कि उस कुंड में स्नान करने मात्र से चर्म रोगों में फायदा हो जाता है। लोगों को फायदा होने पे नमक और झाड़ू चढ़ाया जाता है।



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